टेरेंस लुईस बोले- सोशल डिस्टेंसिंग ने शारीरिक मुल्यों को सिखाया, तनाव के मौहोल में ऐसे रहे फिट

टेरेंस लुईस बोले- सोशल डिस्टेंसिंग ने शारीरिक मुल्यों को सिखाया, तनाव के मौहोल में ऐसे रहे फिट


कोरियोग्राफर-डांसर टेरेंस लुईस का मानना है कि लॉकडाउन की सबसे खराब बात अकेले रहना है, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग ने शारीरिक मुल्यों को सिखाया है। अपने रिलेशनशिप के बारे में याद करते हुए लुईस ने कहा कि लॉकडाउन का सबसे खराब बात सिंगल होना है। मैं शारीरिक आत्मीयता के मुल्यों का एहसास कर रहा हूं और मैं हाथ पकड़ना और किस करना मिस कर रहा हूं।

Terence Lewis

काम में व्यस्त रखना
टेरेंस का कहना है कि चल रहे कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच केवल एक ही चीज सकारात्मक रुप से आगे बढ़ने में मदद करती है और वो है खुद को काम में व्यस्त रखना। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में मैंने पिछले दो वर्षों से अधिक काम किया है। वूट पर स्ट्रीम होने वाले गो फन योरसेल्फ के एक एपिसोड के लिए टेरेंस ने कुशा कपिला के साथ बातचीत में अपना लॉकडाउन अनुभव साझा किया।

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तनाव के मौहोल में ऐसे रहे फिट
पिछले दिनों टेरेंस लुईस ने कहा था कि आज जैसे तनावपूर्ण समय में डांस आपको फिट, सतर्क और खुश रहने में मदद कर सकता है। कई डांस रियलिटी टीवी शो में जज बन चुके लुईस ने कहा कि मैं मानवता और आत्मा के लिए नृत्य के महत्व में विश्वास करता रहा हूं। नृत्य एक सार्वभौमिक भाषा है जिसे आपके अस्तित्व के मूल के माध्यम से व्यक्त किया जाता है। मन, शरीर और आत्मा को जोड़कर मानव कंपन के उत्थान की ये शक्ति अद्वितीय है। कई साल पहले मैंने 'एनी बॉडी कैन डांस' (एबीसीडी) नामक एक अभियान शुरू किया था, जो सभी को नृत्य के आनंद का परिचय देने के लिए काम करता है। शारीरिक रूप से मानसिक और भावनात्मक रूप से नृत्य के लाभों पर बहुत शोध हुआ है।

लॉकडाउन में जीवन कैसा है? इस बारे में उन्होंने कहा था कि बहुत सारी शूटिंग, साक्षात्कार और यहां तक कि ऑनलाइन दिखने और जज करने में व्यस्त हूं! आज जो तकनीक उपलब्ध है उसके कारण हम लगातार ऑनलाइन सक्रिय हैं। मेरा संस्थान ऑनलाइन क्लास संचालित कर रहा है, जिसमें 18-23 मई को एक बड़ा डांस कैंप होने जा रहा है। ऐसी चीजों की प्लानिंग और फिर उनके प्रचार में बहुत व्यस्त हूं।



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