पूजा-प्रार्थना पर भी पड़ा कोरोना का असर, बदल रहा है ईश्वर भक्ति का तरीका

पूजा-प्रार्थना पर भी पड़ा कोरोना का असर, बदल रहा है ईश्वर भक्ति का तरीका


कोरोना वायरस (Coronavirus) ने पूरी दुनिया को बदल दिया है। दो महीने पहले जो कुछ भी चल रहा था, वो सब कुछ बदल गया है। लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग (social distancing) का अभ्यास करना पड़ रहा है।

आम तौर पर किसी जान पहचान वाले शख़्स से मिलने के बाद हम जो व्यवहार करते थे, उसके उलट करना सीखना पड़ रहा है। यहां तक की लोगों ने अपने पूजा (worship During Lockdown) करने का अंदाज भी बदल दिया है।

कोरोनावायरस के चलते जहां लोग अब आपस में मिलने से कतरा रहे हैं। वहीं भारत में पंडित सुनील शर्मा ने बताया कि जब तक इस महामारी की पूरी तरह से रोकथाम नहीं होती तब तक कोई भी मंदिर में पूजा / सुंदरकांड आदि कार्य नहीं कर पा रहा है। ऐसे में वे लोग व बुजूर्ग जो अपना एक खास समय मंदिरों में बिताते थे, आपस में मिल तक नहीं पा रहे हैं।

MUST READ : कोरोना वायरस/ हर तरह के संक्रामक रोगों से बचाकर चमत्कारिक क्षमता देता है ये पदार्थ, बस इस मंत्र के उच्चारण के साथ ग्रहण करें

https://www.patrika.com/religion-and-spirituality/coronavirus-disease-medicine-is-here-benefits-of-panchamrit-6098727/

वहीं इन सब स्थितियों के चलते मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की ही एक सोसायटी में जहां लोग हर मंगलवार को एक साथ सुंदरकांड का पाठ करते थे, वे पिछले कुछ समय से आपस में फोन पर बात कर एक निश्चित समय तय करने के बाद एक साथ एक समय पर अपने अपने घरों में ही रह कर सुंदरकांड का पाठ कर रहे हैं।

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार देश में कुछ जगह से तो ये तक सूचनाएं आ रही हैं, कि अब पूजा कराने वाले पंडित घर से ही वीडियो कॉल के द्वारा पूजा भी करा रहे हैं। वे अपने घर से मंत्रोंचारण करते हैं, जबकि जिस घर में पूजा होनी होती है, वहां के लोग पूजा का सामान एकत्रित करने के बाद फोन पर मिल रहे निर्देशों के अनुसार पूजा व हवन करते हुए आहुतियां दे रहे हैं।

MUST READ : ऐसा मंदिर, जहां निवास करती हैं धरती की सबसे जागृत महाकाली! पूरी होती से सारी मनोकामनाएं

https://www.patrika.com/temples/earth-s-most-awakened-mahakali-is-here-6091678/

इस संबंध में कुछ बुजुर्गों का कहना है कि पहले मंदिर जाने पर वहां हर रोज आने वाले कई भक्तों से जिनमें से अधिकांश हमारी ही उम्र के आसपास के होते हैं, मित्रता हो गई, लेकिन अब लॉकडाउन के चलते लंबे समय से आपस में न तो मुलाकात हो पा रही है, न ही एक साथ भजन कर पा रहे हैं।

ऐसे में या तो वीडियोकॉल से एक साथ भजन या सुंदरकांड का पाठ कर लेते हैं, या फोन पर पूजा का समय फिक्स कर लेते हैं, जैसे यदि हम सब ने फोन पर 10 बजे से सुंदरकांड का समय फिक्स किया है, तो सभी अपने अपने घरों में ठीक 10 बजे सुंदरकांड शुरू कर देते हैं। ऐसे में सभी के पास होने का अहसास बना रहता है।

MUST READ : इस दिन लुप्त हो जाएगा आंठवा बैकुंठ: बद्रीनाथ - जानें कैसे : फिर यहां होंगे प्रकट

https://www.patrika.com/astrology-and-spirituality/eighth-baikunth-of-universe-badrinath-dham-katha-6075524/

😍 यदि आप भी हैं खाने के शौक़ीन तो देखें ये वीडियो  👇👇





Post a Comment

0 Comments